अटाली और हम

KAFILA - 10 years of a common journey

(यह ब्योरा पिछले शनिवार को दिल्ली के हरियाणा भवन के सामने अटाली की मुस्लिम विरोधी हिंसा पर रोष जाहिर करने को किए गए प्रदर्शन के बाद लिखा गया था.तब से अब तक स्थिति में काफी बदलाव आया है.कल ही खबर आ गई थी कि मुसलमान गाँव लौट गए हैं.शर्तें अभी बहुत साफ़ नहीं हैं.कहा जा रहा है कि हमलावरों पर कार्रवाई भी होगी और मस्जिद भी बनेगी. एक खबर यह है कि मुसलमानों को आश्वस्त किया गया है कि मस्जिद की चहारदीवारी प्रशासन बनवाएगा.यह भी कि हालात बेहतर होने पर दोषियों को पकड़ा जाएगा.गाँव में हिंदुओं का एक तबका है जो इस हिंसा से दुखी और शर्मिंदा है.लेकिन नौजवानों को लेकर आशंका है.फिर भी यह मुज़फ्फरनगर से ‘बेहतर’ तो है ही.

सवाल कुछ हैं:

  • क्या जांच की जाएगी कि यह हिंसा कैसे हुई?क्या यह स्वतःस्फूर्त थी या इसके पीछे एक तैयारी थी?
  • क्या हरियाणा में,और जगहों की तरह ही, मुसलमानों…

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